उपयोग से लाभ :
– यह जल अणुओं को तोड़कर ऑक्सीजन मुक्त करने और ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए आवश्यक है।
– यह श्वसन, नाइट्रोजन अवशोषण, कार्बोहाइड्रेट निर्माण और ऊर्जा स्थानांतरण से जुड़े कई एंजाइमों को सक्रिय करता है।
– यह लिग्गिन के संश्लेषण के लिए आवश्यक है, जो कोशिका भित्ति को संरचनात्मक मजबूती और कठोरता प्रदान करता है।
– यह कार्बोहाइड्रेट चयापचय को नियंत्रित करने में मदद करता है तथा पौथों में नाइट्रेट के अपचयन में सहायक होता है।
– यह परागण, जड़ कोशिकाओं के बढ़ाव तथा समग्र कोशिका वृद्धि और विभाजन को बढ़ावा देता है।
– यह प्रतिरक्षा यौगिकों के निर्माण में सहायक है और मिट्टी में मौजूद रोगजनकों व कीटों के विरुद्ध पौधों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
मैंगनीज की कमी के लक्षण: इसकी कमी सबसे पहले नई पत्तियों पर दिखाई देती है, जिसमें नसें हरी रहती हैं लेकिन पत्तियाँ पीली (क्लोरोसिस) हो जाती हैं, साथ ही भूरे धब्बे और मुड़े हुए किनारे दिखाई देते हैं।
मात्रा: छिडकांव: १ से २ ग्राम प्रति लिटर पानी।
ड्रिप (टपक) सिंचनः २५० ग्राम बहार मँगेनीज ईडीटीए प्रति एकड क्षेत्र हेतु इस्तेमाल करें।
ड्रोन द्वारा छिडकांक: २ से ४ ग्राम प्रति लिटर पानी।
बहार ह्युमिक यह नैसर्गिक प्रक्रीयाओं द्वारा प्राप्त एवं निष्काशित ह्युमस के विशिष्ट फार्मुलेशन द्वारा बनाया गया उत्पाद है, जिसमें ह्यूमिक तथा फुल्विक एसिड विहित है।
बोरॉन 20% यह बोरॉन सूक्ष्म पोषक तत्व खाद है, जिसमें 20% बोरॉन घुलनशील स्वरूप में पाया जाता है। यह विशेष रूप से विभिन्न फसलों में बोरॉन की कमी को रोकने और सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौथे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन की रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंधक, मैंगनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मौलिब्डेनम जजैसे बहुमूल्य अजतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरौन-एस जओ फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट जिंक 33% आमतौर पर जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट को संदर्भित करता है जो एक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट) उर्वरक है। इसका उपयोग पौधों में जिंक की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है। यह पौधों के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है और एंजाइम सक्रियण, प्रोटीन संश्लेषण तथा हार्मोन उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
झिंक की कमी को पूरा करनेवाला उत्पाद भारत में बहुतांश जमिनों में जिंक की कमी पाई जाती है। किसी भी फसल या पौधे के शक्तिशाली विकास हेतु जिंक महत्वपूर्ण अन्नतत्व है। ट्राई जिंक ई.डी.टी.ए. यह चिलेटेड पाउडर स्वरुप उत्पाद है जिसमें १२% जिंक होता है जो पूर्णतः चिलेट स्वरुप में है। यह पानी में तुरंत घुलनशील होकर पौधों को उपलब्ध होता है।
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