बहार केल्शियम ईडीटीए के उपयोग से लाभः
– यह पौथों की कोशिकाओं को एक-दूसरे से जोड़कर रखता है और कोशिका भित्ती व झिल्लियों को संरचनात्मक मजबूती प्रदान करता है।
– मजबूत कोशिका भित्ती और स्थिर झिल्लियों पौधों को रोगजनकों और कीटों के प्रति अधिक प्रतिरोथी बनाती हैं।
– कैल्शियम पत्तियों को “सख्त” बनाता है, जिससे वे कीटों के आक्रमण के प्रति कम संवेदनशील होती हैं।
– कोशिका वृद्धि और विभाजन के लिए कैल्शियम आवश्यक है, जो पौथे के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
-नाइट्रोजन जैसे अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के कुशल अवशोषण के लिए पर्याप्त कैल्शियम जरूरी है।
– कैल्शियम पौथे की आंतरिक संचार प्रणाली में “सेकंड मैसेंजर” के रूप में कार्य करता है। यह एंजाइमों को सक्रिय बनाता है और विभिन्न कोशिकीय गतिविधियों व उत्तेजनाओं के प्रति प्रतिक्रिया को समन्वित करता है।
– कैल्शियम फल की गुणवत्ता में सुधार करता है, स्वस्थ फल सेट को बढ़ावा देता है और बीजों के उचित विकास के लिए आवश्यक है।
कॅल्शियम की कमी से होनेवाले दुष्परिणामः
– तने, जड़ों और पत्तियों पर नई वृद्धि रुक सकती है या विकृत हो सकती है।
– पत्तियों पर धब्बे, किनारों का पीला पड़ना और फलों का समय से पहले गिरना शामिल हैं।
– कोशिकाओं की संरचना कमजोर होने के कारण पौधे पर्यावरणीय तनाव और रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
मात्रा: छिडकांव: १ से २ ग्राम प्रति लिटर पानी।
ड्रिप (टपक) सिंचनः २५० ग्राम बहार के ल्शियम ईडीटीए प्रति एकड क्षेत्र हेतु इस्तेमाल करें।
ड्रोन द्वारा छिडकांक: २ से ४ ग्राम प्रति लिटर पानी।
बहार ह्युमिक यह नैसर्गिक प्रक्रीयाओं द्वारा प्राप्त एवं निष्काशित ह्युमस के विशिष्ट फार्मुलेशन द्वारा बनाया गया उत्पाद है, जिसमें ह्यूमिक तथा फुल्विक एसिड विहित है।
जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट जिंक 33% आमतौर पर जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट को संदर्भित करता है जो एक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट) उर्वरक है। इसका उपयोग पौधों में जिंक की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है। यह पौधों के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है और एंजाइम सक्रियण, प्रोटीन संश्लेषण तथा हार्मोन उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौथे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन की रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंधक, मैंगनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मौलिब्डेनम जजैसे बहुमूल्य अजतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरौन-एस जओ फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
बोरॉन 20% यह बोरॉन सूक्ष्म पोषक तत्व खाद है, जिसमें 20% बोरॉन घुलनशील स्वरूप में पाया जाता है। यह विशेष रूप से विभिन्न फसलों में बोरॉन की कमी को रोकने और सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।
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