बहार केल्शियम ईडीटीए के उपयोग से लाभः
– यह पौथों की कोशिकाओं को एक-दूसरे से जोड़कर रखता है और कोशिका भित्ती व झिल्लियों को संरचनात्मक मजबूती प्रदान करता है।
– मजबूत कोशिका भित्ती और स्थिर झिल्लियों पौधों को रोगजनकों और कीटों के प्रति अधिक प्रतिरोथी बनाती हैं।
– कैल्शियम पत्तियों को “सख्त” बनाता है, जिससे वे कीटों के आक्रमण के प्रति कम संवेदनशील होती हैं।
– कोशिका वृद्धि और विभाजन के लिए कैल्शियम आवश्यक है, जो पौथे के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
-नाइट्रोजन जैसे अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के कुशल अवशोषण के लिए पर्याप्त कैल्शियम जरूरी है।
– कैल्शियम पौथे की आंतरिक संचार प्रणाली में “सेकंड मैसेंजर” के रूप में कार्य करता है। यह एंजाइमों को सक्रिय बनाता है और विभिन्न कोशिकीय गतिविधियों व उत्तेजनाओं के प्रति प्रतिक्रिया को समन्वित करता है।
– कैल्शियम फल की गुणवत्ता में सुधार करता है, स्वस्थ फल सेट को बढ़ावा देता है और बीजों के उचित विकास के लिए आवश्यक है।
कॅल्शियम की कमी से होनेवाले दुष्परिणामः
– तने, जड़ों और पत्तियों पर नई वृद्धि रुक सकती है या विकृत हो सकती है।
– पत्तियों पर धब्बे, किनारों का पीला पड़ना और फलों का समय से पहले गिरना शामिल हैं।
– कोशिकाओं की संरचना कमजोर होने के कारण पौधे पर्यावरणीय तनाव और रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
मात्रा: छिडकांव: १ से २ ग्राम प्रति लिटर पानी।
ड्रिप (टपक) सिंचनः २५० ग्राम बहार के ल्शियम ईडीटीए प्रति एकड क्षेत्र हेतु इस्तेमाल करें।
ड्रोन द्वारा छिडकांक: २ से ४ ग्राम प्रति लिटर पानी।
झिंक की कमी को पूरा करनेवाला उत्पाद भारत में बहुतांश जमिनों में जिंक की कमी पाई जाती है। किसी भी फसल या पौधे के शक्तिशाली विकास हेतु जिंक महत्वपूर्ण अन्नतत्व है। ट्राई जिंक ई.डी.टी.ए. यह चिलेटेड पाउडर स्वरुप उत्पाद है जिसमें १२% जिंक होता है जो पूर्णतः चिलेट स्वरुप में है। यह पानी में तुरंत घुलनशील होकर पौधों को उपलब्ध होता है।
Reviews
There are no reviews yet.