बहार ह्युमिक यह नैसर्गिक प्रक्रीयाओं द्वारा प्राप्त एवं निष्काशित ह्युमस के विशिष्ट फार्मुलेशन द्वारा बनाया गया उत्पाद है, जिसमें ह्यूमिक तथा फुल्विक एसिड विहित है।
बहार ह्युमिक के इस्तेमाल से लाभः
– तंतुमय सफेद जड़ों की संख्या में वृद्धी होती है।
– इसके इस्तेमाल से जमिन में उपलब्ध एवं ऊपर से दिए गए पोषक तत्वों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
– जमिन में स्थित अतिरिक क्षार कणों का विघटन होता है जिसके कारण जमिन का पी.एच. संतुलित रह पाता है एवं उपजाऊ क्षमता में सुधार होता है।
– यह पूर्णतः नैसर्गिक स्त्रोत से बना होने के कारण जमिन में पाये जाने वाले सूक्ष्म जिवाणु व परोपजीवी कीटों हेतु सुरक्षित है।
– इसके प्रयोग से जड़ों द्वारा पोषक तत्वों के अवशोषण की प्रक्रीया कार्यान्वित होती है जो फसल की तेज रफ्तार से वृद्धी में सहायक है।
– इसके प्रयोग से प्रकाश संश्लेषण गतीमान बनकर पत्तों में हरित तत्व (क्लोरोफिल) की मात्रा में सुधार होकर फसल को रोग एवं कीट प्रतिरोधक्षम बनाये रखती है।
मात्रा छिडकांवः ५ मिली बहार ह्युमिक प्रति लिटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें। २०-२५ दिनों के अंतराल से दो या तीन बार इस्तेमाल करें।
टपक (ड्रिप) सिंचन: १ लिटर बहार हामिक एक एकड क्षेत्र हेतु पर्याप्त है।
ड्रोन द्वारा छिडकांवः ७ से १० मिली प्रति लिटर पानी।
बोरॉन 20% यह बोरॉन सूक्ष्म पोषक तत्व खाद है, जिसमें 20% बोरॉन घुलनशील स्वरूप में पाया जाता है। यह विशेष रूप से विभिन्न फसलों में बोरॉन की कमी को रोकने और सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।
फेरॉन-एस: एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मँगेनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अन्नतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरूप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मैगनीज, कॉपर बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अनतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
ग्रोफॉस यह सूक्ष्म अन्नतत्व युक्त तरल खाद है, जिसमें सरकारी मान्यतानुसार प्रमाणित अनुपात में सूक्ष्म पोषक तत्वों का समायोजन किया गया है। इसका उपयोग फसल की तेज एवं शक्तीशाली वृद्धी हेतु किया जाता है। इसमें निहित सूक्ष्म पोषक तत्व प्रमुख अन्नतत्वों की कार्क्षमता बढाने के साथ साथ पत्तों पर लगने वाली विविध बिमारीयों से फसल को सुरक्षित रखते हैं।
झिंक की कमी को पूरा करनेवाला उत्पाद भारत में बहुतांश जमिनों में जिंक की कमी पाई जाती है। किसी भी फसल या पौधे के शक्तिशाली विकास हेतु जिंक महत्वपूर्ण अन्नतत्व है। ट्राई जिंक ई.डी.टी.ए. यह चिलेटेड पाउडर स्वरुप उत्पाद है जिसमें १२% जिंक होता है जो पूर्णतः चिलेट स्वरुप में है। यह पानी में तुरंत घुलनशील होकर पौधों को उपलब्ध होता है।
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