– अन्नतत्व अवशोषित करने वाली सफेद जडों की संख्या में तेजी से वृद्धी एवम् विस्तार होता है जिसके फलस्वरुप फसल को अन्नतत्वों की उपलब्धता बढती है। प्रकाश संश्लेषण क्रीया चलनशील होकर पौधे में अधिक हरित तत्व निर्मीती संभव हो पाती है।
– झायलम तथा फ्लोएम नलिकाओं को कार्यक्षम बनाकर पौधे वे विविध अंगों तक पोषक तत्वों के स्थानांतरण में सहकार्य करता है। फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।
– मृदा की जलधारणा शक्ती में सुधार होकर पानी की मात्रा में बचत संभव है।
– उपज की गुणवत्ता (रंग, आकार, वजन, स्वाद) बढाने में सहायक।
– गन्ने के वजन तथा शर्करा प्रमाण में वृद्धी होती है।
इस्तेमाल का तरीकाः ५ से १० किलो प्रति एकड के अनुपात में जमिन द्वारा इस्तेमाल करें इसे अन्य किसी भी प्रकार की खाद में मिलाकर इस्तेमाल करने पर पोषक तत्वों की कार्यक्षमता में वृद्धी होती है।
बुआई / रोपनी के १० से १५ दिनों पश्चात ५ किलो प्रति एकड के अनुपात में प्रयोग करें फसल विकास की अवस्था में दोबारा इस्तेमाल करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
Bahar Spray Sitara is a balanced nutritional formula specially developed to support fast and vigorous plant growth. It contains essential micro and macro nutrients along with activated micro-absorbable chelated elements in a powdered form. Designed for foliar and drip application, it boosts nutrient availability and absorption, enhances enzyme function, and protects plants from various stresses and diseases.
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौथे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन की रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंधक, मैंगनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मौलिब्डेनम जजैसे बहुमूल्य अजतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरौन-एस जओ फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरूप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मैगनीज, कॉपर बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अनतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
झिंक की कमी को पूरा करनेवाला उत्पाद भारत में बहुतांश जमिनों में जिंक की कमी पाई जाती है। किसी भी फसल या पौधे के शक्तिशाली विकास हेतु जिंक महत्वपूर्ण अन्नतत्व है। ट्राई जिंक ई.डी.टी.ए. यह चिलेटेड पाउडर स्वरुप उत्पाद है जिसमें १२% जिंक होता है जो पूर्णतः चिलेट स्वरुप में है। यह पानी में तुरंत घुलनशील होकर पौधों को उपलब्ध होता है।
जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट जिंक 33% आमतौर पर जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट को संदर्भित करता है जो एक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट) उर्वरक है। इसका उपयोग पौधों में जिंक की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है। यह पौधों के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है और एंजाइम सक्रियण, प्रोटीन संश्लेषण तथा हार्मोन उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
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