फेरॉन-एस: एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मँगेनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अन्नतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
– फेरॉन-एस के उपयोग से सूक्ष्म अन्नतत्वों की समतोल व उचित प्रमाण में आपूर्ती होकर चयापचय क्रीया सुचारु तरीके से कार्यबद्ध रहती है।
– फेरॉन-एस के प्रयोग से पेशी विकास हेतु आवश्यक सूक्षम पोषक तत्वों की सरलतापूर्ण आपूर्ती संभव है।
– फेरॉन-एस में विद्यमान तांबा इस घटक से प्रकाश संस्लेषण प्रक्रीय गतिशील होकर काबोर्हायड्रेट संस्लेषण में सुधार होता है।
– फेरॉन-एस के प्रयोग से लौह, मँगेनीज यह क्लोरोफिल के अणु के ही घटक होकर प्रोटीन्स (जीवनसत्व) प्रक्रीयाओं में सहायक भुमीका निभाते हैं।
– फेरॉन-एस में प्रयुक्त झिंक (जस्त), ऑक्सीजन (प्राणवायु) की निर्मीती व उचित मात्रा में आपूर्ती में सहायक होता है।
फेरॉन-एस की प्रयोग विधीः बुआई के पूर्व या तुरंत बाद प्रति एकड ५ से १० किलो फसल की आवश्यकतानुसार अन्य किसी भी खाद के साथ मिलाकर दिया जा सकता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरूप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मैगनीज, कॉपर बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अनतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट जिंक 33% आमतौर पर जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट को संदर्भित करता है जो एक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट) उर्वरक है। इसका उपयोग पौधों में जिंक की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है। यह पौधों के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है और एंजाइम सक्रियण, प्रोटीन संश्लेषण तथा हार्मोन उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
बहार एमिनो यह वनस्पति स्त्रोत से प्राप्त एमिनो एसिड के संयोजन से बनाया गया उत्पाद है। पौध विकास में विविध प्रकार के एमिनो एसिड विशेष योगदान देते हैं तथा इनकी कमी के कारण पौधे कमजोर होने की आशंका बनी रहती है तथा उपज पर विपरित परिणाम की संभावना बढ़ती है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौथे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन की रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंधक, मैंगनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मौलिब्डेनम जजैसे बहुमूल्य अजतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरौन-एस जओ फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
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