क्रिया प्रणाली:
स्प्रे मांग विभिन्न एंजाइमों को सक्रीय बनाकर लिग्गिन बायोसिंथेसिस को समर्थन देता है जिससे पौधों की मिट्टी जनित रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह प्रकाश संश्लेषण की कार्यकुशलता बढाकर उपज वृद्धी में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
फसलें:
सभी अनाज, दलहन, तिलहनी फसलें तथा बागवानी फसलें।
मात्रा: छिडकांवः १ किलो १५० लीटर पानी में घोलकर एक एकड क्षेत्र में फसल की सक्रिय विकास अवस्था के दौरान छिड़काव करें।
ड्रोन द्वारा छिडकांव: २.० किलो १५० लिटर पानी।
जमिन द्वारा: १ से १.५ किलो प्रति एकड किसी भी अन्य खाद के साथ मिलाकर उपयोग करें। सर्वोत्तम परिणामों के लिए फसल वृद्धि चक्र में तीन बार छिड़काव की सलाह दी जाती है।
फेरॉन-एस: एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मँगेनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अन्नतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौथे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन की रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंधक, मैंगनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मौलिब्डेनम जजैसे बहुमूल्य अजतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरौन-एस जओ फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
न्यूट्राई जिंक एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है। जिसके फलस्वरूप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मैगनीज, कॉपर बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अनतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
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