उपयोग से लाभः
– यह जमिन में बह नहीं जाता तथा धीरे धीरे जडों / पत्तों द्वारा अवशोषित होता है।
– इसमें १५% गंधक भी विद्यमान है जिसका अत्याधिक लाभ फसल को मिलता है।
– युरिया के साथ मिलाने पर युरिया पर परत बनाता है जिसके फलस्वरुप युरिया बह नहीं जाता व उसकी कार्यक्षमता में वृद्धी होती है तथा बचत भी।
– पौधों का रुक-रुक कर बढ़ना, पत्तियों की नसों के बीच पीला पड़ना (इंटरवेनल क्लोरोसिस), तथा उत्पादन में कमी जैसे लक्षणों को रोकता है।
– क्लोरोफिल निर्माण, प्रकाश संश्लेषण और समग्र चयापचय (मेटाबॉलिज़्म) को बेहतर बनाता है।
– फल विकास में सुधार, बेहतर उपज और उच्च गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त करने में सहायता करता है।
मात्रा: छिडकांक पत्तों पर जिंक की कमी के लक्षण दिखते ही १.५० से २.० ग्राम ट्राई जिंक मोनोहाईड्रेट १ लिटर पानी में मिलाकर १५ दिनों के अंतराल से २ या ३ बार इस्तेमाल करें।
ड्रिप सिंचनः २५० ग्राम ट्राई जिंक मोनोहाईड्रेट प्रति एकड।
बोरॉन 20% यह बोरॉन सूक्ष्म पोषक तत्व खाद है, जिसमें 20% बोरॉन घुलनशील स्वरूप में पाया जाता है। यह विशेष रूप से विभिन्न फसलों में बोरॉन की कमी को रोकने और सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।
मँगेनीज सल्फेट उर्वरक स्प्रे मँग यह जल में घुलनशील उर्वरक है, जिसे विभिन्न फसलों में मैंगनीज़ की कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है। यह प्रकाश संश्लेषण, एंजाइम सक्रियण और पौधों की तनाव सहनशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह फसल की उपज में सुधार करता है।
जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट जिंक 33% आमतौर पर जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट को संदर्भित करता है जो एक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट) उर्वरक है। इसका उपयोग पौधों में जिंक की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है। यह पौधों के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है और एंजाइम सक्रियण, प्रोटीन संश्लेषण तथा हार्मोन उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
झिंक की कमी को पूरा करनेवाला उत्पाद भारत में बहुतांश जमिनों में जिंक की कमी पाई जाती है। किसी भी फसल या पौधे के शक्तिशाली विकास हेतु जिंक महत्वपूर्ण अन्नतत्व है। ट्राई जिंक ई.डी.टी.ए. यह चिलेटेड पाउडर स्वरुप उत्पाद है जिसमें १२% जिंक होता है जो पूर्णतः चिलेट स्वरुप में है। यह पानी में तुरंत घुलनशील होकर पौधों को उपलब्ध होता है।
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