झिंक की कमी को पूरा करनेवाला उत्पाद भारत में बहुतांश जमिनों में जिंक की कमी पाई जाती है। किसी भी फसल या पौधे के शक्तिशाली विकास हेतु जिंक महत्वपूर्ण अन्नतत्व है। ट्राई जिंक ई.डी.टी.ए. यह चिलेटेड पाउडर स्वरुप उत्पाद है जिसमें १२% जिंक होता है जो पूर्णतः चिलेट स्वरुप में है। यह पानी में तुरंत घुलनशील होकर पौधों को उपलब्ध होता है।
ट्राई जिंक के उपयोग से लाभ:
– कार्बोनिक आम्ल का रुपांतरण कर्बवायु एवं पानी में कराने में सहायक है।
– स्फुरद का वितरण तथा प्रथिनों की निर्मिती में भुमिका निभाता है।
– कलीयां खुलने तथा फलधारणा हेतु आवश्यक संप्रेरकों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदत करता है।
– कंद वर्गीय फसलें (आलू, प्याज, लहसुन, अद्रक, शकरकंद) इत्यादि में ट्युबर की संख्या व आकार बढाने में सहायक।
निर्देशित फसलें: कपास, चावल, गन्ना, गेहूं, तिलहन, दलहन, अंगूर, संत्रा, केला, अनार, पपीता एवं अन्य फल, सभी प्रकार की साग सब्जी फसलें, फूल एवं चाय बगान।
मात्रा:
छिडकांवः १ से २ ग्राम प्रति लिटर पानी में मिलाकर छिडकांव हेतु प्रयोग करें।
ड्रिपः ५०० ग्राम प्रति एकड़, जमिन द्वाराः २५० ग्राम प्रति एकड ड्रोन द्वारा छिडकांवः २ से ४ ग्राम प्रति लिटर पानी।
फेरॉन-एस: एक संपूर्ण खाद अनेक कारणों से जमीन में पाये जाने वाले पोषक तत्वों का प्रमाण कम हो जाता है जिसके फलस्वरुप जमीन की उर्वरा क्षमतापर विपरित असर होता है। रासायनिक खाद के जरिये नायट्रोजन, सुपर फॉस्फेट या पोटाश की आपूर्ती हो सकती है। वास्तव में किसी भी पेड-पौधे या फसल की वृद्धी में १६ प्रकार के मूलद्रव्यों की आवश्यकता होती है। इसलिये जमीन को रासायनिक तथा गोबर खाद के साथ लौह, गंथक, मँगेनीज, कॉपर, बोरेक्स एवं मॉलिब्डेनम जैसे बहुमूल्य अन्नतत्वों की आवश्यकता होती है। इन सभी तत्वों से परिपूर्ण है, फेरॉन-एस जो फसल की वृद्धी में सहकार्य करता है।
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